They like to read my Life

Monday, September 19, 2011

खवाहिशे

हैं हुस्न का जलवा तेरा
तू हैं एक ख्याल मेरा

जब वो बारिश की बुँदे ,
तेरी लटो को भिगोती हुई 
तेरे लबो तक आती हैं 
मेरी धड़कन बढ़ा देती हैं 

वो तेरे तीखे नैना ,
चाहते हैं मुझसे कुछ कहना 
लब बोलना नही चाहते हैं 
पर शब्द गिरने को हैं बेक़रार 
बस एक और लबो का सहारा मांगते हैं 

हर चाहत तेरी पूरी कर दूंगा ,
तेरी मोहब्बत को अपनी जिंदगी कर दूंगा ,
हमदम तू हैं साँसों में बसी 
तुझे दो जिस्म एक जान बना दूंगा 

तेरी जुल्फों सवार कर 
होठो से वो बारिश की बुँदे पी लूँगा  
(चिराग )