They like to read my Life

Monday, February 1, 2016

Kuch Panno par mein Likh Chuka hun


कुछ पन्नो पर मैं लिख चुका हु,
कुछ अभी बाकी है,

कुछ पर सबने अपनी यादो की कलम चलाई है,
तो कुछ पर कीसी ने रिश्तो की वरक लगाई है,

कुछ पन्नो पर मैं लिख चुका हु,
कुछ अभी बाकी है,

पुराने  गुलाब की खुशबू  से महक रहा हैं कोई ,
तो किसी पर बस स्याही ही नज़र आ रही है,

कुछ पन्नो पर मैं लिख चुका हु,
कुछ अभी बाकी है,


 C.J SPECIAL

Thursday, December 24, 2015

सयानी



कल की  ही तो बात है , जब गुड़िया अपने घर में सबकी लाड़ली बहु बन कर अपने ससुराल में आई थी। अभी शादी को वक्त ही कितना हुआ है ,सिर्फ  २ महीने और देखो ये वही गुड़िया हैं जो घर के सारे काम सिख गई है। सही कह रही हो काकी , अपने घर में तो ये एक गिलास पानी भी खुद नहीं पीती  थी वो भी लाकर देना पड़ता था। बेटा ससुराल में आकर सब करना पड़ता है। 
हां और अब ये वो पेन ,पेन्सिल और रंग लेकर  हर किसी फोटो भी नही बनाने लगती  है। सयानी हो गई हैं हमारी गुड़िया। 

 गुड़िया से शायद किसी ने नहीं पूछा के इस सयानेपन  के लिए उसने अपने उस सपने को कही छुपा दिया है जो उसे सबसे प्यारा था। जिसके लिए उसे सब घर में कहा करते थे के एक दिन गुड़िया बहुत बड़ी चित्र्कार  बनेगी। 

C.J

जिंदगी


मुस्कुराती हुई जिंदगी 
ख्वाहिशो से भरी हुई हैं ,
मन में उमंगो को लिए ,
आंधियो से भी लड़ पड़ी है। 


C.J Special


 

Sunday, November 29, 2015

खबर



मुद्दतो के बाद शायद याद करो हमें ,
अभी हवा हमारी नहीं हैं ,
और दौर तुम्हारा नहीं हैं।
C.J SPECIAL


Monday, November 9, 2015

ख्वाहिशे

ख्वाहिशे बहुत हैं ,
पूरी कुछ हुई हैं ,

जो रह गई हैं ,
उन्ही के सहारे ये जिंदगी हैं। 

C.J Special

हौसला





नाव से नदी तो हर कोई पार करता हैं,
जो मैं लहरो से लड़ कर पार करू तो कोई बात हैं, 
आसमान में उड़ने का ख्वाब तो सभी देखते हैं,
जो मैं आसमान का अंत ढूंढ  लू  तो कोई बात हैं,
ख्वाहिशे तो सभी करते हैं कुछ पाने की,
जो मैं मंज़िलों से दोस्ती कर लू तो कोई बात हैं,
इबादत तो सभी करते हैं खुदा से ,
जो खुद मेरी इबादत का इन्तेजार करे तो कोई बात हैं ,
कोशिश  तो सभी करते हैं जीतने की,
जो मैं जीत को अपनी महबूबा बना लू तो कोई बात हैं,
चंद लम्हों की ये ज़िंदगानी ,
जो मैं हर पल में ज़िंदगानी जी लू  तो कोई बात हैं 


C.J SPECIAL
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Dor....


Ek dor mili,
Ek chor tak jane ke liye,
himmat ki nav dikhi,
mushkilo ko harane ke liye,
khawab chune,
manzilo ko banane ke liye,
bas ek umeed ki kami thi,
vo tune di,
zindagi ko roshani dikhane ke liye.
C.J